भारत के निवासियों के लिए। प्रतिबंधित क्षेत्रों के निवासियों के लिए नहीं।
आपकी पहली स्पॉट ट्रेड — और फ़ीस कहाँ दिखती है
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स्पॉट ट्रेडिंग का मतलब है असली एसेट खरीदना या बेचना — आप जो खरीदते हैं उसके मालिक होते हैं, कोई लीवरेज नहीं।
मार्केट बनाम लिमिट ऑर्डर
| ऑर्डर | क्या करता है | फ़ीस का प्रकार |
|---|---|---|
| मार्केट | उपलब्ध सबसे अच्छे भाव पर तुरंत पूरा होता है | आमतौर पर टेकर |
| लिमिट | केवल आपके भाव या उससे बेहतर पर पूरा होता है; ऑर्डर बुक में इंतज़ार कर सकता है | बुक में रुके तो मेकर, तुरंत भर जाए तो टेकर |
मेकर फ़ीस आमतौर पर टेकर फ़ीस से कम होती है। जल्दी न हो, तो लिमिट ऑर्डर सस्ता पड़ सकता है।
पहली ट्रेड करना
- Trade → Spot पर जाएँ और कोई पेयर चुनें, जैसे BTC/USDT।
- Limit या Market चुनें।
- उतनी राशि डालें जितनी खोने का जोखिम आप उठा सकते हैं — छोटी शुरुआत करें।
- सारांश जाँचें और पुष्टि करें।
फ़ीस कहाँ देखें
Orders → Trade history खोलें। हर फ़िल पर फ़ीस और वह किस एसेट में कटी, दिखाई देता है। कुछ एक्सचेंज अपने टोकन में फ़ीस देने पर छूट देते हैं — इससे रिबेट की गणना बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक फ़ीस पेज देखें।
अच्छी आदतें
- अपने रिकॉर्ड और टैक्स के लिए ट्रेड का सरल हिसाब रखें (तारीख, पेयर, मात्रा, भाव, फ़ीस)।
- दिन भर चार्ट देखने के बजाय प्राइस अलर्ट लगाएँ।
- यह साइट किसी खास कॉइन या ट्रेड की सलाह नहीं देती।
रिबेट आपकी दी गई फ़ीस पर मिलता है, मुनाफ़े पर नहीं। केवल रिबेट कमाने के लिए ज़्यादा ट्रेड करना, मिलने वाले से ज़्यादा महँगा पड़ता है।